समाचार | पुरुष बांझपन में वैश्विक वृद्धि से निदान और उपचार सुधार की मांग



समाचार | पुरुष बांझपन में वैश्विक वृद्धि से निदान और उपचार सुधार की मांग


विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बांझपन अब प्रजनन आयु के प्रत्येक छह में से एक दंपति को प्रभावित करता है, जिसमें लगभग 50% मामलों में पुरुष कारक शामिल होते हैं। विश्वभर में पुरुष बांझपन बढ़ने के साथ, शोधकर्ता सारा किमिन्स और 25 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का तर्क है कि पुरुषों को सार्थक निदान और लक्षित उपचार उपलब्ध होने चाहिए। हालांकि, अधिकांश मामलों में ये उपाय अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।


नेचर रिव्यूज़ यूरोलॉजी में प्रकाशित एक सहमति रिपोर्ट में, किमिन्स और सहयोगियों ने महिला साथियों पर भार कम करते हुए पुरुषों और उनके बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए 10 सिफारिशें प्रस्तावित कीं। सिफारिशों में पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान, बेहतर निदान और उपचार विधियों तथा अधिक व्यक्तिगत देखभाल की मांग की गई है।


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पुरुष बांझपन पर पर्यावरण और जीवनशैली के प्रभाव

प्रोफेसर सारा किमिन्स ने कहा कि पुरुष प्रजनन क्षमता में तेज गिरावट को केवल आनुवंशिकी से नहीं समझाया जा सकता और पर्यावरणीय कारक इसके प्रमुख योगदानकर्ता हैं। अंतःस्रावी-विघटनकारी रसायन, बढ़ता मोटापा, खराब आहार, तनाव, कैनाबिस का उपयोग, शराब और धूम्रपान, सभी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं। उन्होंने जनस्वास्थ्य शिक्षा का आह्वान किया और पुरुषों को गर्भधारण का प्रयास करने से कई महीने पहले स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।


बेहतर निदान और उपचार की तात्कालिक आवश्यकता

वर्तमान में पुरुष बांझपन का आकलन मुख्यतः पारिवारिक इतिहास, शारीरिक परीक्षण, हार्मोन स्तर और वीर्य विश्लेषण से किया जाता है। ये विधियाँ 50 से अधिक वर्षों से उपयोग में हैं और इनमें संवेदनशीलता व सटीकता की कमी है। शोधकर्ता अधिक सटीक प्रजनन स्वास्थ्य परीक्षण विकसित करने के लिए अधिक वित्तपोषण की मांग कर रहे हैं। सारा किमिन्स की टीम ने अधिक सटीक, व्यक्तिगत निदान देने और प्रजनन उपचार की दक्षता व सफलता सुधारने के लिए HisTurn आनुवंशिक निदान उपकरण विकसित किया।


वैश्विक कार्रवाई आवश्यक है

रिपोर्ट में कहा गया है कि पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य में समग्र गिरावट एक वैश्विक मुद्दा है। हाल के दशकों में वीर्य गुणवत्ता का गिरना, वृषण कैंसर की दरों का बढ़ना और जन्मजात जनन-मूत्र संबंधी असामान्यताओं में वृद्धि एक गंभीर विश्वव्यापी चुनौती दर्शाती है। इसमें पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य में अनुसंधान को आगे बढ़ाने और उपचार में सुधार के लिए इसकी 10 सिफारिशों पर तात्कालिक वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया गया है।


मुख्य सिफारिशें

1. पुरुष बांझपन को एक सामान्य, गंभीर चिकित्सीय स्थिति के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए और रोगियों को सार्थक निदान व उपचार मिलना चाहिए;

2. बांझ पुरुषों, उनके साथियों और बच्चों से नैदानिक तथा जीवनशैली संबंधी जानकारी के मानकीकृत संग्रह वाले वैश्विक बायोबैंक और डेटाबेस स्थापित किए जाएँ;

3. पहचान-रहित ऊतक नमूनों और नैदानिक डेटा के संग्रह को मानकीकृत किया जाए;

4. आनुवंशिकी, जीवनशैली और पर्यावरणीय कारक विभिन्न आबादियों में पुरुष प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं, इस पर अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोगी शोध को वित्तपोषित किया जाए;

5. पुरुष बांझपन के आकलन में जीनोमिक अनुक्रमण को शामिल किया जाए;

6. निदान और कारणों की पहचान सुधारने के लिए अधिक नैदानिक परीक्षण विकसित किए जाएँ;

7. पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाले यौगिकों, विशेषकर अंतःस्रावी-विघटनकारी रसायनों का कठोर परीक्षण किया जाए और सुरक्षित विकल्प विकसित किए जाएँ;

8. सहायक प्रजनन तकनीकों का नैदानिक उपयोग से पहले कठोर परीक्षण किया जाए;

9. पुरुष बांझपन पर चर्चा और जागरूकता बढ़ाने के लिए जनशिक्षा अभियान चलाए जाएँ;

10. स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण को मजबूत किया जाए और पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य का आजीवन प्रबंधन समर्थित किया जाए।


स्रोत:

ऑनलाइन संकलित

लेखक LinkedIVF Teamप्रकाशित 2024-09-29
本文使用 AI 輔助整理;LinkedIVF 尚未記錄本篇的編輯審核,不構成醫療建議。
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