समाचार | शुक्राणुओं की घटती संख्या: माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क के संभावित जोखिम
एक नए अध्ययन में माइक्रोप्लास्टिक, विशेष रूप से पॉलीटेट्राफ्लुओरोएथिलीन (PTFE), के संपर्क को शुक्राणु की गुणवत्ता में कमी से जोड़ा गया है। इस निष्कर्ष ने पुरुष प्रजनन क्षमता पर पर्यावरणीय प्रदूषकों के प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ाई है।
पुरुष प्रजनन क्षमता पर माइक्रोप्लास्टिक के प्रभाव
eBioMedicine में प्रकाशित यह अध्ययन चीन के कई शोध केंद्रों में किया गया। शोधकर्ताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों के 113 पुरुषों के वीर्य और मूत्र नमूनों का विश्लेषण किया, ताकि विभिन्न माइक्रोप्लास्टिक की उपस्थिति और शुक्राणु गुणवत्ता पर उनके प्रभाव का आकलन किया जा सके। माइक्रोप्लास्टिक, खासकर PTFE, का संबंध शुक्राणुओं की कम संख्या और गतिशीलता से महत्वपूर्ण रूप से पाया गया।
पृष्ठभूमि
माइक्रोप्लास्टिक प्लास्टिक के ऐसे कण हैं जिनका व्यास 5 मिलीमीटर से कम होता है और ये पर्यावरण में व्यापक रूप से फैले हैं। ये यकृत, फेफड़ों, प्लेसेंटा और वीर्य सहित कई मानव ऊतकों में पाए गए हैं। शोध से संकेत मिलता है कि लोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में माइक्रोप्लास्टिक कण निगलते हैं, जो बच्चों में औसतन प्रति वर्ष 5,186 कण और वयस्कों में 1,482 कण होते हैं। माइक्रोप्लास्टिक भोजन, हवा और त्वचा के अवशोषण के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और स्वास्थ्य, विशेषकर पुरुष प्रजनन क्षमता, के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
परिणाम
शोधकर्ताओं ने 24 से 58 वर्ष की आयु वाले 113 पुरुषों के वीर्य और मूत्र नमूने एकत्र किए और पॉलीस्टाइरीन (PS), पॉलीएथिलीन (PE), पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) तथा PTFE सहित कई माइक्रोप्लास्टिक का पता लगाया। प्रतिभागियों में से 55% में PTFE पाया गया और इसका संबंध कुल शुक्राणु संख्या तथा गतिशीलता में कमी से निकटता से था। छह प्रकार के माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में आए पुरुषों में कम प्रकारों के संपर्क वाले पुरुषों की तुलना में कुल शुक्राणु संख्या और प्रगतिशील गतिशीलता महत्वपूर्ण रूप से कम थी।
स्रोत और संभावित स्वास्थ्य जोखिम
अध्ययन में नॉनस्टिक कुकवेयर से निकलने वाले PTFE को भी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाले संपर्क के संभावित महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में पहचाना गया। इसलिए सामान्य घरेलू वस्तुएँ माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में योगदान कर सकती हैं और पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
भविष्य का शोध
अध्ययन माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण से संभावित प्रजनन जोखिमों को रेखांकित करता है और संपर्क व शुक्राणु की कार्यक्षमता में गड़बड़ी के संबंध पर आगे के शोध के लिए महामारी-विज्ञान संबंधी प्रमाण प्रस्तुत करता है। शोधकर्ताओं ने दीर्घकालिक प्रजनन प्रभावों तथा प्रभावी रोकथाम और उपचार उपायों पर अतिरिक्त अध्ययनों का आह्वान किया।
स्रोत:
ऑनलाइन संकलित
लेखक LinkedIVF Teamप्रकाशित 2024-10-09
本文使用 AI 輔助整理;LinkedIVF 尚未記錄本篇的編輯審核,不構成醫療建議。
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समाचार | शुक्राणुओं की घटती संख्या: माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क के संभावित जोखिम
समाचार | शुक्राणुओं की घटती संख्या: माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क के संभावित जोखिम
एक नए अध्ययन में माइक्रोप्लास्टिक, विशेष रूप से पॉलीटेट्राफ्लुओरोएथिलीन (PTFE), के संपर्क को शुक्राणु की गुणवत्ता में कमी से जोड़ा गया है। इस निष्कर्ष ने पुरुष प्रजनन क्षमता पर पर्यावरणीय प्रदूषकों के प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ाई है।
पुरुष प्रजनन क्षमता पर माइक्रोप्लास्टिक के प्रभाव
eBioMedicine में प्रकाशित यह अध्ययन चीन के कई शोध केंद्रों में किया गया। शोधकर्ताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों के 113 पुरुषों के वीर्य और मूत्र नमूनों का विश्लेषण किया, ताकि विभिन्न माइक्रोप्लास्टिक की उपस्थिति और शुक्राणु गुणवत्ता पर उनके प्रभाव का आकलन किया जा सके। माइक्रोप्लास्टिक, खासकर PTFE, का संबंध शुक्राणुओं की कम संख्या और गतिशीलता से महत्वपूर्ण रूप से पाया गया।
पृष्ठभूमि
माइक्रोप्लास्टिक प्लास्टिक के ऐसे कण हैं जिनका व्यास 5 मिलीमीटर से कम होता है और ये पर्यावरण में व्यापक रूप से फैले हैं। ये यकृत, फेफड़ों, प्लेसेंटा और वीर्य सहित कई मानव ऊतकों में पाए गए हैं। शोध से संकेत मिलता है कि लोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में माइक्रोप्लास्टिक कण निगलते हैं, जो बच्चों में औसतन प्रति वर्ष 5,186 कण और वयस्कों में 1,482 कण होते हैं। माइक्रोप्लास्टिक भोजन, हवा और त्वचा के अवशोषण के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और स्वास्थ्य, विशेषकर पुरुष प्रजनन क्षमता, के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
परिणाम
शोधकर्ताओं ने 24 से 58 वर्ष की आयु वाले 113 पुरुषों के वीर्य और मूत्र नमूने एकत्र किए और पॉलीस्टाइरीन (PS), पॉलीएथिलीन (PE), पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) तथा PTFE सहित कई माइक्रोप्लास्टिक का पता लगाया। प्रतिभागियों में से 55% में PTFE पाया गया और इसका संबंध कुल शुक्राणु संख्या तथा गतिशीलता में कमी से निकटता से था। छह प्रकार के माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में आए पुरुषों में कम प्रकारों के संपर्क वाले पुरुषों की तुलना में कुल शुक्राणु संख्या और प्रगतिशील गतिशीलता महत्वपूर्ण रूप से कम थी।
स्रोत और संभावित स्वास्थ्य जोखिम
अध्ययन में नॉनस्टिक कुकवेयर से निकलने वाले PTFE को भी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाले संपर्क के संभावित महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में पहचाना गया। इसलिए सामान्य घरेलू वस्तुएँ माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में योगदान कर सकती हैं और पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
भविष्य का शोध
अध्ययन माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण से संभावित प्रजनन जोखिमों को रेखांकित करता है और संपर्क व शुक्राणु की कार्यक्षमता में गड़बड़ी के संबंध पर आगे के शोध के लिए महामारी-विज्ञान संबंधी प्रमाण प्रस्तुत करता है। शोधकर्ताओं ने दीर्घकालिक प्रजनन प्रभावों तथा प्रभावी रोकथाम और उपचार उपायों पर अतिरिक्त अध्ययनों का आह्वान किया।
स्रोत:
ऑनलाइन संकलित