समाचार | UMass Amherst ने जीवित कोशिकाओं में RNA को वास्तविक समय में देखने के लिए तीन-रंगी फ्लोरेसेंस इमेजिंग विकसित की



समाचार | UMass Amherst ने जीवित कोशिकाओं में RNA को वास्तविक समय में देखने के लिए तीन-रंगी फ्लोरेसेंस इमेजिंग विकसित की

समाचार | UMass Amherst ने जीवित कोशिकाओं में RNA को वास्तविक समय में देखने के लिए तीन-रंगी फ्लोरेसेंस इमेजिंग विकसित की


University of Massachusetts Amherst (UMass Amherst) के रसायनज्ञों ने तीन-रंगी फ्लोरेसेंस इमेजिंग की एक नई विधि विकसित की है, जो जीवित स्तनधारी कोशिकाओं में कई मैसेंजर RNA (mRNA) को एक साथ वास्तविक समय में ट्रैक करती है। यह तकनीक RNA के विभिन्न प्रकारों को अलग-अलग फ्लोरेसेंस रंगों से चिह्नित करती है, जिससे शोधकर्ता कोशिकाओं के भीतर उनके गतिशील व्यवहार को देख सकते हैं। यह जीवन के मूलभूत अणु RNA को समझने का महत्वपूर्ण साधन उपलब्ध कराती है। निष्कर्ष हाल ही में Nature Methods में प्रकाशित हुए।



RNA जीवन में आवश्यक, लेकिन अभी पूरी तरह न समझी गई भूमिका निभाता है। यह DNA और प्रोटीन के बीच सूचना पहुंचाने और कोशिकाओं को प्रोटीन बनाने का निर्देश देने के साथ-साथ जीन के सक्रिय या निष्क्रिय होने को नियंत्रित करता है तथा कोशिकीय संरचनाओं को व्यवस्थित और आकार देने में मदद करता है। RNA की असामान्य कार्यप्रणाली कई रोगों से निकटता से जुड़ी है, इसलिए जीवन-विज्ञान में RNA की प्राकृतिक अवस्था को प्रभावित किए बिना उसका अध्ययन करना बड़ी चुनौती है।


सह-लेखक और UMass Amherst में रसायन विज्ञान की सहायक प्रोफेसर जियाहुई ‘Chris’ Wu ने कहा, “हम RNA के अनेक कार्यों को लेकर उत्सुक हैं। असली सवाल यह है कि उनका अध्ययन कैसे किया जाए। आदर्श तरीका जीवित कोशिकाओं में उन्हें सीधे देखना है, लेकिन RNA अणु बहुत छोटे होते हैं।”


फ्लोरेसेंस माइक्रोस्कोपी में वैज्ञानिक आम तौर पर लक्ष्य RNA में फ्लोरेसेंट मार्कर जोड़ते हैं, ताकि वह जटिल कोशिकीय पृष्ठभूमि से अलग दिखाई दे। व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली एक तकनीक ‘RNA हेयरपिन विधि’ है, जिसमें इमेजिंग के लिए फ्लोरेसेंट प्रोटीन को किसी विशिष्ट RNA से जोड़ा जाता है। हालांकि, फ्लोरेसेंट संकेत अक्सर लगातार सक्रिय रहता है, जिससे पृष्ठभूमि का शोर बढ़ता है और इमेजिंग की सटीकता घटती है।


UMass Amherst की टीम ने इस तकनीक में महत्वपूर्ण सुधार किया। रसायन विज्ञान की स्नातक छात्रा और प्रथम लेखिका Daisy Pham ने बताया कि टीम ने ऐसे नए फ्लोरेसेंट प्रोटीन बनाए जो RNA अणु की विशिष्ट संरचना से जुड़ने के बाद ही चमकते हैं, जिससे पृष्ठभूमि का हस्तक्षेप काफी घटता है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि शोधकर्ताओं ने हरे, लाल और गहरे लाल प्रकाश का उत्सर्जन करने वाले तीन परस्पर ऑर्थोगोनल फ्लोरेसेंट प्रोटीन तैयार किए। इससे अलग-अलग कार्य वाले RNA को एक साथ चिह्नित और अलग पहचाना जा सकता है।


Pham ने कहा, “अब हम देख सकते हैं कि जीवित कोशिकाओं में RNA के विभिन्न प्रकार एक ही समय में कैसे काम करते हैं। इससे हम यह ठीक-ठीक समझने के और करीब पहुंचते हैं कि प्रत्येक अपना कार्य कैसे करता है।”


टीम ने बताया कि यह इमेजिंग विधि शोध समुदाय के लिए उपलब्ध करा दी गई है और RNA के कार्यों के अध्ययन का महत्वपूर्ण नया साधन बन सकती है। इससे वैज्ञानिक RNA को बहुत अधिक प्रभावित किए बिना कोशिकाओं के भीतर से अधिक सटीक और गतिशील जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रगति RNA इमेजिंग की क्षमताओं का विस्तार करती है और जीवन के तंत्र तथा RNA-संबंधी रोगों को समझने के लिए पद्धतिगत आधार देती है।


इस अध्ययन को U.S. National Institutes of Health (NIH) और UMass Amherst Institute for Applied Life Sciences (IALS) ने वित्तपोषित किया। IALS 29 विश्वविद्यालयी विभागों की अंतरविषयक विशेषज्ञता को एक साथ लाता है, ताकि मूलभूत शोध को मानव स्वास्थ्य और कल्याण सुधारने वाले नवोन्मेषी अनुप्रयोगों में बदला जा सके।


कहानी का स्रोत:

ऑनलाइन संकलित

लेखक LinkedIVF Teamप्रकाशित 2025-12-23
本文使用 AI 輔助整理;LinkedIVF 尚未記錄本篇的編輯審核,不構成醫療建議。
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