समाचार | मोटापा और बैक्टीरियल वैजिनोसिस: प्रजनन स्वास्थ्य के छिपे खतरे



समाचार | मोटापा और बैक्टीरियल वैजिनोसिस: प्रजनन स्वास्थ्य के छिपे खतरे


Best Practice & Research Clinical Obstetrics & Gynaecology में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि मोटापा योनि माइक्रोबायोम को बदलकर महिला प्रजनन क्षमता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है। अध्ययन ने मोटापे और योनि वनस्पति के संबंध की समीक्षा की तथा संबंधित प्रतिकूल प्रजनन परिणामों का विश्लेषण किया।


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मानव माइक्रोबायोम व्यक्तियों के बीच भिन्न होता है। योनि माइक्रोबायोम अन्य स्थानों के माइक्रोबायोम की तुलना में कम विविध होता है और इसमें Lactobacillus प्रमुख होता है, जो अम्लीय वातावरण बनाकर संक्रमण को रोकने और प्रजनन स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि, मोटापे वाली महिलाओं में योनि Lactobacillus—विशेषकर L. crispatus—काफी कम हो जाता है और उसकी जगह Dialister, Prevotella timonensis और Anerococcus vaginalis जैसे जीव लेते हैं, जिससे सूक्ष्मजीव विविधता बढ़ती है। विभिन्न क्षेत्रों के अध्ययनों में यह पैटर्न बताया गया है।


मोटापा और प्रजनन स्वास्थ्य

मोटापा हृदय-रोग, मधुमेह और कई प्रकार के कैंसर के जोखिम बढ़ाता है तथा गर्भावस्था को भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। मोटापे वाली महिलाओं में सामान्य वजन वाली महिलाओं की तुलना में गर्भधारण दर और IVF सफलता दर कम होती है। मोटापे वाली महिलाओं में बैक्टीरियल वैजिनोसिस (BV) भी अधिक सामान्य है और यह गर्भपात, समय से पहले प्रसव तथा ट्यूबल बांझपन जैसे प्रतिकूल परिणामों से दृढ़ता से जुड़ा है।


मोटापा सूजन और हार्मोनल परिवर्तनों के माध्यम से भी योनि माइक्रोबायोम को बदल सकता है। मोटापे से संबंधित हाइपोक्सिया और वसा ऊतक में लेप्टिन गतिविधि एस्ट्रोजन स्तर को कम करते हैं। सूजनकारी कारक डिम्बग्रंथि कार्य को कम कर सकते हैं और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का जोखिम बढ़ा सकते हैं।


भविष्य के अनुसंधान और अनुप्रयोग

हालाँकि प्रमाण बताते हैं कि मोटापा योनि माइक्रोबायोम में बदलाव करके प्रजनन स्वास्थ्य को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है, सटीक तंत्रों के लिए आगे अध्ययन आवश्यक है। भावी अनुसंधान में एस्ट्रोजन चयापचय में शामिल सूक्ष्मजीवों तथा जातीयता, आनुवंशिकी और जीवनशैली के योनि माइक्रोबायोम पर प्रभाव की जाँच होनी चाहिए, ताकि ऐसे हस्तक्षेप विकसित किए जा सकें जो सूक्ष्मजीवी संतुलन सुधारें और मोटापे वाली महिलाओं में प्रतिकूल प्रजनन जोखिम घटाएँ।


स्रोत:
ऑनलाइन संकलित

लेखक LinkedIVF Teamप्रकाशित 2024-11-12
本文使用 AI 輔助整理;LinkedIVF 尚未記錄本篇的編輯審核,不構成醫療建議。
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