समाचार | शोधकर्ताओं ने रोग की समझ बढ़ाने के लिए एंडोमेट्रियोसिस का कोशिकीय एटलस बनाया



समाचार | शोधकर्ताओं ने रोग की समझ बढ़ाने के लिए एंडोमेट्रियोसिस का कोशिकीय एटलस बनाया


Los Angeles स्थित Cedars-Sinai की एक शोध टीम ने एक महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा की: एंडोमेट्रियोसिस का कोशिकीय एटलस। अध्ययन रोग की आणविक विशेषताओं को उजागर करता है और बेहतर उपचार में सहायक हो सकता है। एंडोमेट्रियोसिस एक स्त्रीरोग संबंधी स्थिति है जो विश्वभर में 10% महिलाओं को प्रभावित करती है। यह तब होता है जब गर्भाशय की परत जैसा ऊतक अंडाशय, श्रोणि और यहां तक कि फेफड़ों जैसे असामान्य स्थानों पर दिखाई देता है। अध्ययन का नेतृत्व Cedars-Sinai में प्रसूति एवं स्त्रीरोग और जैवचिकित्सा विज्ञान विभागों की एसोसिएट प्रोफेसर तथा Women’s Cancer Research Program की निदेशक Dr. Kate Lawrenson ने किया।


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वर्तमान परिदृश्य: उपेक्षित ‘अदृश्य पीड़ा’

इसके व्यापक प्रभावों के बावजूद, एंडोमेट्रियोसिस को चिकित्सा और समाज ने लंबे समय से उपेक्षित किया है। यह अक्सर दीर्घकालिक दर्द, बांझपन और जठरांत्र संबंधी कार्यविकार तथा दर्द के प्रति बढ़ी संवेदनशीलता सहित अन्य प्रणालीगत लक्षण पैदा करता है। Dr. Lawrenson ने कहा कि एंडोमेट्रियोसिस शोध को कम वित्तपोषण मिला है क्योंकि यह रोग लिंग-विशिष्ट है और महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को ऐतिहासिक रूप से सीमित ध्यान मिला है। हालांकि, महिलाओं के स्वास्थ्य को मान्यता मिलने के साथ इस क्षेत्र में बदलाव का अवसर है।


वर्तमान उपचार: धीमी प्रगति की चुनौती

वर्तमान एंडोमेट्रियोसिस उपचार मुख्यतः घावों की वृद्धि दबाने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों जैसी हार्मोनल दवाओं पर निर्भर है। दुष्प्रभाव और सीमित प्रभावशीलता मरीजों के लिए निराशाजनक हो सकते हैं। शल्यक्रिया से घाव हटाए या नष्ट किए जा सकते हैं, लेकिन पुनरावृत्ति की दर 50% तक पहुंचती है। Dr. Lawrenson ने कहा कि एंडोमेट्रियोसिस एक दीर्घकालिक रोग है जिसके लिए लंबी अवधि की देखभाल चाहिए, और भविष्य के उपचार में पेल्विक-फ्लोर पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक चिकित्सा और जीवनशैली हस्तक्षेप शामिल हो सकते हैं।


शोध सफलता: एकल-कोशिका जीनोमिक्स से रोग का मानचित्रण

Dr. Lawrenson की टीम ने एंडोमेट्रियोसिस का कोशिकीय एटलस बनाने के लिए एकल-कोशिका जीनोमिक्स का उपयोग किया। उन्होंने डिम्बग्रंथि एंडोमेट्रियोसिस घावों, या एंडोमेट्रियोमा, और पेल्विक घावों के बीच महत्वपूर्ण अंतर पाए तथा घाव कोशिकाओं में भिन्न हार्मोनल प्रतिक्रियाएं पहचानीं। अध्ययन ने पहली बार यह भी दिखाया कि आनुवंशिक उत्परिवर्तन एंडोमेट्रियोसिस कोशिकाओं में जीन अभिव्यक्ति को कैसे प्रभावित करते हैं, जिससे घाव अपने आक्रमित परिवेश को बदल पाते हैं।


शोध परिदृश्य: निदान और उपचार की नई संभावनाएं

यह अध्ययन नए नैदानिक सूचक और उपचार पहचानने की आधारशिला रखता है। Dr. Lawrenson ने कहा कि टीम दो नैदानिक जरूरतों पर ध्यान देगी: जीवनशैली, आनुवंशिक और पारिवारिक इतिहास की जानकारी को मिलाकर सटीक नैदानिक उपकरण विकसित करना, और घाव कोशिकाओं के असामान्य व्यवहार को सुधारने के लिए नए उपचारों का परीक्षण करना। टीम दर्द रहित मरीजों और किशोरियों की आणविक विशेषताओं की जांच के लिए अपना शोध विस्तार करने की भी योजना बना रही है।


Dr. Lawrenson ने जोर दिया कि इस क्षेत्र के शोध के लिए अंतर्विषयक सहयोग और विविध मरीज समूहों का समावेश आवश्यक है, ताकि उपचार व्यापक रूप से लागू और सटीक हों।


कहानी का स्रोत:

ऑनलाइन से संकलित

लेखक LinkedIVF Teamप्रकाशित 2025-01-28
本文使用 AI 輔助整理;LinkedIVF 尚未記錄本篇的編輯審核,不構成醫療建議。
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