समाचार | कोरोनावायरस और पुरुष प्रजनन क्षमता: अध्ययन में COVID-19 से शुक्राणु गुणवत्ता घटने का निष्कर्ष
कोरोनावायरस रोग (COVID-19) ने श्वसन तंत्र पर गहरा प्रभाव डाला है और यह पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर छिपा खतरा भी हो सकता है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन ने बताया कि COVID-19 संक्रमण पुरुषों में शुक्राणु स्वास्थ्य को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है; इसके प्रभाव महीनों तक बने रह सकते हैं और स्वस्थ होने के बाद भी शुक्राणु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।
COVID-19 शुक्राणु की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करता है?
शोध से संकेत मिलता है कि COVID-19 केवल श्वसन तंत्र को ही प्रभावित नहीं करता। SARS-CoV-2 प्रजनन मार्ग सहित कई अंगों को भी संक्रमित कर सकता है। पुरुष जनन-मूत्र मार्ग विशेष रूप से संवेदनशील हो सकता है क्योंकि एंजियोटेंसिन-कन्वर्टिंग एंजाइम 2 (ACE2) और ट्रांसमेम्ब्रेन सेरीन प्रोटीएज 2 (TMPRSS2), जो कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश के लिए आवश्यक दो प्रोटीन हैं, इस क्षेत्र में व्यापक रूप से अभिव्यक्त होते हैं।
इन संबंधों के बावजूद, COVID-19 पुरुष प्रजनन क्षमता, विशेषकर शुक्राणु गुणवत्ता, को कैसे प्रभावित करता है इस पर शोध सीमित है। इसलिए SARS-CoV-2 संक्रमण पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य और शुक्राणु स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है, इस पर आगे अध्ययन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
अध्ययन का अवलोकन
अध्ययन चीन के शेनयांग प्रजनन चिकित्सा केंद्र में किया गया और इसमें पहले SARS-CoV-2 से संक्रमित हो चुके पुरुष तथा असंक्रमित नियंत्रण समूह शामिल थे। शोधकर्ताओं ने सभी प्रतिभागियों से वीर्य नमूने लिए और शुक्राणु संख्या, शुक्राणु गतिशीलता, शुक्राणु आकृति-विज्ञान, शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स (DFI) तथा क्रोमैटिन अपरिपक्वता मापी।
क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन में 604 प्रतिभागियों में से लगभग 83% (501 पुरुष) को पहले COVID-19 हो चुका था, और 140 ने संक्रमण से पहले और बाद के वीर्य नमूने दिए। 149 असंक्रमित पुरुषों के वीर्य नमूने नियंत्रण के रूप में लिए गए।
अध्ययन के परिणाम
अध्ययन में पाया गया कि COVID-19 हो चुके रोगियों में आमतौर पर नियंत्रण समूह की तुलना में शुक्राणु गुणवत्ता खराब थी, जिसमें शुक्राणु संख्या, ग्रेड A शुक्राणु संख्या (तेजी से आगे बढ़ने वाले शुक्राणु), शुक्राणु गतिशीलता और शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स (DFI) के माप महत्वपूर्ण रूप से कम थे। संक्रमण के बाद के वीर्य नमूनों में भी शुक्राणु मानदंड कम, लेकिन DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स (DFI) मान अधिक थे।
क्रॉस-सेक्शनल और अनुदैर्ध्य निष्कर्षों की तुलना
अनुदैर्ध्य अध्ययन ने दिखाया कि COVID-19 संक्रमण के बाद शुक्राणु गुणवत्ता संक्रमण से पहले एकत्र किए गए नमूनों की तुलना में महत्वपूर्ण रूप से कम थी। विशेष रूप से, पहले के नियंत्रण वीर्य नमूनों में शुक्राणु गुणवत्ता खराब थी, जो प्रजनन उपचार से जुड़े संभावित सुधार को रेखांकित करती है।
विशेष रूप से, COVID-19 वाले 75% रोगियों में संक्रमण के बाद शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स (DFI) में 21% की वृद्धि हुई। नियंत्रण समूह में केवल 10% में बाद के नमूनों में शुक्राणु गुणवत्ता खराब दिखाई दी।
लगभग 58% संक्रमित रोगियों में दूसरे नमूने में शुक्राणु संख्या कम थी। संख्या लगभग 12% घटी, जो लगभग 20.5 मिलियन कम शुक्राणुओं के बराबर थी।
इसके अतिरिक्त, लगभग 70% संक्रमित रोगियों में कुल शुक्राणु गतिशीलता में 17% की कमी थी, और 71% नमूनों में ग्रेड A शुक्राणु गतिशीलता में 37% की कमी दिखाई दी।
शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन और सहायक प्रजनन तकनीक
शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन सहायक प्रजनन तकनीक (ART) की सफलता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है, क्योंकि उच्च DFI वाले शुक्राणु से खराब गुणवत्ता के भ्रूण बनने की संभावना अधिक होती है, जिससे गर्भपात दर बढ़ती और जीवित जन्म दर घटती है। इसलिए इस अध्ययन में देखे गए उच्च DFI मान बताते हैं कि COVID-19 संक्रमण का पुरुष प्रजनन क्षमता पर दीर्घकालिक और महत्वपूर्ण प्रभाव हो सकता है।
अध्ययन के निष्कर्ष
कुल मिलाकर, अध्ययन में COVID-19 संक्रमण के बाद शुक्राणु गुणवत्ता में उल्लेखनीय गिरावट पाई गई। नियंत्रण समूह और संक्रमण-पूर्व दोनों नमूनों की तुलना में शुक्राणु संख्या और गतिशीलता घटी, जबकि शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा।
ये निष्कर्ष बताते हैं कि COVID-19 खराब शुक्राणु गुणवत्ता से जुड़ा है, जिसमें कम शुक्राणु संख्या, घटित गतिशीलता और बढ़ा हुआ शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन शामिल है। यद्यपि COVID-19 को अब सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल नहीं माना जाता, SARS-CoV-2 विश्वभर में फैलता और विकसित होता रहता है, जिससे इसकी रोगजनकता और अनुकूलन क्षमता बढ़ती है। निष्कर्ष सुझाव देते हैं कि पुरुष बांझपन का मूल्यांकन और उपचार करते समय चिकित्सकों को COVID-19 की जांच या निदान शामिल करना चाहिए।
समाचार स्रोत:
ऑनलाइन संकलित
लेखक LinkedIVF Teamप्रकाशित 2025-04-27
本文使用 AI 輔助整理;LinkedIVF 尚未記錄本篇的編輯審核,不構成醫療建議。
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समाचार | कोरोनावायरस और पुरुष प्रजनन क्षमता: अध्ययन में COVID-19 से शुक्राणु गुणवत्ता घटने का निष्कर्ष
समाचार | कोरोनावायरस और पुरुष प्रजनन क्षमता: अध्ययन में COVID-19 से शुक्राणु गुणवत्ता घटने का निष्कर्ष
कोरोनावायरस रोग (COVID-19) ने श्वसन तंत्र पर गहरा प्रभाव डाला है और यह पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर छिपा खतरा भी हो सकता है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन ने बताया कि COVID-19 संक्रमण पुरुषों में शुक्राणु स्वास्थ्य को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है; इसके प्रभाव महीनों तक बने रह सकते हैं और स्वस्थ होने के बाद भी शुक्राणु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।
COVID-19 शुक्राणु की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करता है?
शोध से संकेत मिलता है कि COVID-19 केवल श्वसन तंत्र को ही प्रभावित नहीं करता। SARS-CoV-2 प्रजनन मार्ग सहित कई अंगों को भी संक्रमित कर सकता है। पुरुष जनन-मूत्र मार्ग विशेष रूप से संवेदनशील हो सकता है क्योंकि एंजियोटेंसिन-कन्वर्टिंग एंजाइम 2 (ACE2) और ट्रांसमेम्ब्रेन सेरीन प्रोटीएज 2 (TMPRSS2), जो कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश के लिए आवश्यक दो प्रोटीन हैं, इस क्षेत्र में व्यापक रूप से अभिव्यक्त होते हैं।
इन संबंधों के बावजूद, COVID-19 पुरुष प्रजनन क्षमता, विशेषकर शुक्राणु गुणवत्ता, को कैसे प्रभावित करता है इस पर शोध सीमित है। इसलिए SARS-CoV-2 संक्रमण पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य और शुक्राणु स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है, इस पर आगे अध्ययन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
अध्ययन का अवलोकन
अध्ययन चीन के शेनयांग प्रजनन चिकित्सा केंद्र में किया गया और इसमें पहले SARS-CoV-2 से संक्रमित हो चुके पुरुष तथा असंक्रमित नियंत्रण समूह शामिल थे। शोधकर्ताओं ने सभी प्रतिभागियों से वीर्य नमूने लिए और शुक्राणु संख्या, शुक्राणु गतिशीलता, शुक्राणु आकृति-विज्ञान, शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स (DFI) तथा क्रोमैटिन अपरिपक्वता मापी।
क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन में 604 प्रतिभागियों में से लगभग 83% (501 पुरुष) को पहले COVID-19 हो चुका था, और 140 ने संक्रमण से पहले और बाद के वीर्य नमूने दिए। 149 असंक्रमित पुरुषों के वीर्य नमूने नियंत्रण के रूप में लिए गए।
अध्ययन के परिणाम
अध्ययन में पाया गया कि COVID-19 हो चुके रोगियों में आमतौर पर नियंत्रण समूह की तुलना में शुक्राणु गुणवत्ता खराब थी, जिसमें शुक्राणु संख्या, ग्रेड A शुक्राणु संख्या (तेजी से आगे बढ़ने वाले शुक्राणु), शुक्राणु गतिशीलता और शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स (DFI) के माप महत्वपूर्ण रूप से कम थे। संक्रमण के बाद के वीर्य नमूनों में भी शुक्राणु मानदंड कम, लेकिन DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स (DFI) मान अधिक थे।
क्रॉस-सेक्शनल और अनुदैर्ध्य निष्कर्षों की तुलना
अनुदैर्ध्य अध्ययन ने दिखाया कि COVID-19 संक्रमण के बाद शुक्राणु गुणवत्ता संक्रमण से पहले एकत्र किए गए नमूनों की तुलना में महत्वपूर्ण रूप से कम थी। विशेष रूप से, पहले के नियंत्रण वीर्य नमूनों में शुक्राणु गुणवत्ता खराब थी, जो प्रजनन उपचार से जुड़े संभावित सुधार को रेखांकित करती है।
विशेष रूप से, COVID-19 वाले 75% रोगियों में संक्रमण के बाद शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स (DFI) में 21% की वृद्धि हुई। नियंत्रण समूह में केवल 10% में बाद के नमूनों में शुक्राणु गुणवत्ता खराब दिखाई दी।
लगभग 58% संक्रमित रोगियों में दूसरे नमूने में शुक्राणु संख्या कम थी। संख्या लगभग 12% घटी, जो लगभग 20.5 मिलियन कम शुक्राणुओं के बराबर थी।
इसके अतिरिक्त, लगभग 70% संक्रमित रोगियों में कुल शुक्राणु गतिशीलता में 17% की कमी थी, और 71% नमूनों में ग्रेड A शुक्राणु गतिशीलता में 37% की कमी दिखाई दी।
शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन और सहायक प्रजनन तकनीक
शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन सहायक प्रजनन तकनीक (ART) की सफलता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है, क्योंकि उच्च DFI वाले शुक्राणु से खराब गुणवत्ता के भ्रूण बनने की संभावना अधिक होती है, जिससे गर्भपात दर बढ़ती और जीवित जन्म दर घटती है। इसलिए इस अध्ययन में देखे गए उच्च DFI मान बताते हैं कि COVID-19 संक्रमण का पुरुष प्रजनन क्षमता पर दीर्घकालिक और महत्वपूर्ण प्रभाव हो सकता है।
अध्ययन के निष्कर्ष
कुल मिलाकर, अध्ययन में COVID-19 संक्रमण के बाद शुक्राणु गुणवत्ता में उल्लेखनीय गिरावट पाई गई। नियंत्रण समूह और संक्रमण-पूर्व दोनों नमूनों की तुलना में शुक्राणु संख्या और गतिशीलता घटी, जबकि शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा।
ये निष्कर्ष बताते हैं कि COVID-19 खराब शुक्राणु गुणवत्ता से जुड़ा है, जिसमें कम शुक्राणु संख्या, घटित गतिशीलता और बढ़ा हुआ शुक्राणु DNA फ्रैगमेंटेशन शामिल है। यद्यपि COVID-19 को अब सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल नहीं माना जाता, SARS-CoV-2 विश्वभर में फैलता और विकसित होता रहता है, जिससे इसकी रोगजनकता और अनुकूलन क्षमता बढ़ती है। निष्कर्ष सुझाव देते हैं कि पुरुष बांझपन का मूल्यांकन और उपचार करते समय चिकित्सकों को COVID-19 की जांच या निदान शामिल करना चाहिए।
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