गाइड | गर्भावस्था में मूत्रमार्ग संक्रमण: लक्षण, निदान और सुरक्षित उपचार
मूत्रमार्ग संक्रमण (UTI) मूत्र प्रणाली के किसी हिस्से, जैसे गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय या मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है। UTI किसी को भी हो सकता है, लेकिन महिलाओं में अधिक आम है और गर्भावस्था में विशेष चिंता का विषय है। हार्मोनल और शारीरिक बदलाव जोखिम बढ़ाते हैं।
UTI के लक्षण
संभावित लक्षणों में शामिल हैं:
बार-बार पेशाब आना या अचानक तेज़ पेशाब लगना
पेशाब करने में कठिनाई
पेट के निचले हिस्से या पीठ में जलन या ऐंठन
पेशाब करते समय जलन
धुंधला या दुर्गंधयुक्त पेशाब
पेशाब में खून, जो लाल, गुलाबी या कोला जैसा दिख सकता है
यदि संक्रमण गुर्दों तक पहुँच जाए, तो लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
बुखार
मतली या उल्टी
ऊपरी पीठ में दर्द, आमतौर पर एक ओर
इन लक्षणों पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। अनुपचारित संक्रमण रक्त में फैलकर गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है।
गर्भावस्था में UTI अधिक आम क्यों है?
हार्मोनल बदलाव मूत्रमार्ग को बदल सकते हैं और मूत्राशय से गुर्दों की ओर मूत्र के पीछे बहने का कारण बन सकते हैं। बढ़ते गर्भाशय का दबाव मूत्राशय को पूरी तरह खाली होने से रोक सकता है, जिससे बचा मूत्र बैक्टीरिया के बढ़ने की जगह बनता है।
अन्य आम कारणों में शामिल हैं:
गुदा से मूत्रमार्ग में पहुँचने वाले E. coli जैसे बैक्टीरिया।
संभोग के कारण योनि के पास मौजूद बैक्टीरिया का मूत्रमार्ग तक पहुँचना।
ग्रुप B स्ट्रेप्टोकोकस, जो आँत और योनि में मौजूद हो सकता है।
निदान
डॉक्टर आमतौर पर पेशाब में बैक्टीरिया तथा लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं की जाँच करते हैं। पेशाब की कल्चर जाँच विशिष्ट बैक्टीरिया की पहचान कर सकती है।
गर्भावस्था में उपचार
डॉक्टर आमतौर पर 3-7 दिनों के लिए एंटीबायोटिक लिखते हैं। अमोक्सिसिलिन, एरिथ्रोमाइसिन और पेनिसिलिन जैसे विकल्प गर्भावस्था में अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं। भ्रूण के विकास को प्रभावित करने वाली सिप्रोफ्लॉक्सासिन (Cipro) या सल्फोनामाइड्स जैसी दवाओं से बचा जाता है। लक्षण सुधरने पर भी पूरी निर्धारित दवा लें।
जटिलताएँ
गुर्दों तक पहुँचा UTI समय से पहले प्रसव, गंभीर संक्रमण, वयस्क श्वसन संकट सिंड्रोम या एनीमिया का कारण बन सकता है।
रोकथाम
जोखिम कम करने के लिए:
प्रतिदिन कम से कम 8 गिलास पानी पिएँ
पेशाब के बाद आगे से पीछे की ओर पोंछें
संभोग से पहले और बाद में मूत्राशय खाली करें
पानी-आधारित स्नेहक का उपयोग करें
जलन पैदा करने वाले स्त्री-स्वच्छता उत्पादों से बचें
सूती अंडरवियर पहनें और जननांग क्षेत्र साफ रखें
शीघ्र निदान और उचित उपचार से गर्भावस्था के दौरान UTI का आमतौर पर माँ या भ्रूण पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ता।
कहानी का स्रोत:
ऑनलाइन संकलित
लेखक LinkedIVF Teamप्रकाशित 2024-09-24
本文使用 AI 輔助整理;LinkedIVF 尚未記錄本篇的編輯審核,不構成醫療建議。
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह नहीं है। किसी लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक से परामर्श लें। सामग्री दिशानिर्देश और संपादकीय नीति
गाइड | गर्भावस्था में मूत्रमार्ग संक्रमण: लक्षण, निदान और सुरक्षित उपचार
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मूत्रमार्ग संक्रमण (UTI) मूत्र प्रणाली के किसी हिस्से, जैसे गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय या मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है। UTI किसी को भी हो सकता है, लेकिन महिलाओं में अधिक आम है और गर्भावस्था में विशेष चिंता का विषय है। हार्मोनल और शारीरिक बदलाव जोखिम बढ़ाते हैं।
UTI के लक्षण
संभावित लक्षणों में शामिल हैं:
बार-बार पेशाब आना या अचानक तेज़ पेशाब लगना
पेशाब करने में कठिनाई
पेट के निचले हिस्से या पीठ में जलन या ऐंठन
पेशाब करते समय जलन
धुंधला या दुर्गंधयुक्त पेशाब
पेशाब में खून, जो लाल, गुलाबी या कोला जैसा दिख सकता है
यदि संक्रमण गुर्दों तक पहुँच जाए, तो लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
बुखार
मतली या उल्टी
ऊपरी पीठ में दर्द, आमतौर पर एक ओर
इन लक्षणों पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। अनुपचारित संक्रमण रक्त में फैलकर गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है।
गर्भावस्था में UTI अधिक आम क्यों है?
हार्मोनल बदलाव मूत्रमार्ग को बदल सकते हैं और मूत्राशय से गुर्दों की ओर मूत्र के पीछे बहने का कारण बन सकते हैं। बढ़ते गर्भाशय का दबाव मूत्राशय को पूरी तरह खाली होने से रोक सकता है, जिससे बचा मूत्र बैक्टीरिया के बढ़ने की जगह बनता है।
अन्य आम कारणों में शामिल हैं:
गुदा से मूत्रमार्ग में पहुँचने वाले E. coli जैसे बैक्टीरिया।
संभोग के कारण योनि के पास मौजूद बैक्टीरिया का मूत्रमार्ग तक पहुँचना।
ग्रुप B स्ट्रेप्टोकोकस, जो आँत और योनि में मौजूद हो सकता है।
निदान
डॉक्टर आमतौर पर पेशाब में बैक्टीरिया तथा लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं की जाँच करते हैं। पेशाब की कल्चर जाँच विशिष्ट बैक्टीरिया की पहचान कर सकती है।
गर्भावस्था में उपचार
डॉक्टर आमतौर पर 3-7 दिनों के लिए एंटीबायोटिक लिखते हैं। अमोक्सिसिलिन, एरिथ्रोमाइसिन और पेनिसिलिन जैसे विकल्प गर्भावस्था में अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं। भ्रूण के विकास को प्रभावित करने वाली सिप्रोफ्लॉक्सासिन (Cipro) या सल्फोनामाइड्स जैसी दवाओं से बचा जाता है। लक्षण सुधरने पर भी पूरी निर्धारित दवा लें।
जटिलताएँ
गुर्दों तक पहुँचा UTI समय से पहले प्रसव, गंभीर संक्रमण, वयस्क श्वसन संकट सिंड्रोम या एनीमिया का कारण बन सकता है।
रोकथाम
जोखिम कम करने के लिए:
प्रतिदिन कम से कम 8 गिलास पानी पिएँ
पेशाब के बाद आगे से पीछे की ओर पोंछें
संभोग से पहले और बाद में मूत्राशय खाली करें
पानी-आधारित स्नेहक का उपयोग करें
जलन पैदा करने वाले स्त्री-स्वच्छता उत्पादों से बचें
सूती अंडरवियर पहनें और जननांग क्षेत्र साफ रखें
शीघ्र निदान और उचित उपचार से गर्भावस्था के दौरान UTI का आमतौर पर माँ या भ्रूण पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ता।
कहानी का स्रोत:
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