समाचार | वैज्ञानिकों ने रजोनिवृत्ति और कैंसर के जोखिम के बीच आनुवंशिक संबंधों की पहचान की
Nature में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में ऐसी दुर्लभ आनुवंशिक उत्परिवर्तनों की पहचान की गई जो रजोनिवृत्ति के समय को प्रभावित करते हैं और कैंसर का जोखिम बढ़ाते हैं। इससे महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य और जीवनकाल के पीछे मौजूद आनुवंशिक कारकों की नई समझ मिली है।
शोधकर्ताओं ने UK Biobank में रजोनिवृत्ति के बाद की 100,000 से अधिक महिलाओं के संपूर्ण एक्सोम अनुक्रमण डेटा का विश्लेषण किया और रजोनिवृत्ति की आयु से जुड़े नौ दुर्लभ वेरिएंट की पहचान की। ये उत्परिवर्तन रजोनिवृत्ति को अधिकतम 5.61 वर्ष पहले ला सकते हैं और प्रजनन आयु तथा स्वास्थ्य जोखिमों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
दुर्लभ उत्परिवर्तन रजोनिवृत्ति और कैंसर के जोखिम को कैसे प्रभावित करते हैं?
महिला का डिंबग्रंथि भंडार जन्म से पहले निर्धारित हो जाता है और प्रजनन वर्षों के दौरान धीरे-धीरे कम होता जाता है, जिससे अंततः रजोनिवृत्ति होती है। प्राकृतिक प्रजनन क्षमता आमतौर पर रजोनिवृत्ति से 10 वर्ष पहले घटने लगती है। इसका समय शुरुआती अंडाणु भंडार और फॉलिकल के नष्ट होने की दर पर निर्भर करता है।
अध्ययन में प्राकृतिक रजोनिवृत्ति की आयु (ANM) से जुड़े कई उत्परिवर्तनों की पहचान हुई, जिनमें DNA क्षति की मरम्मत करने वाले BRCA2 और CHEK2 जैसे जीन शामिल हैं, जो कैंसर के जोखिम से निकटता से जुड़े हैं। इन दुर्लभ वेरिएंट ने रजोनिवृत्ति के समय को प्रभावित किया और स्तन तथा प्रोस्टेट कैंसर सहित हार्मोन-संवेदनशील कैंसर के अधिक जोखिम से जुड़े थे।
आनुवंशिक और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े नए निष्कर्ष
एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह था कि ZNF518A उत्परिवर्तन रजोनिवृत्ति के 5.61 वर्ष पहले होने से महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा था। ये जीन विलंबित यौवन से भी जुड़े थे, जिससे महिला के प्रजनन जीवनकाल को नियंत्रित करने में ZNF518A की भूमिका को और समर्थन मिला। सामान्य वेरिएंट की तुलना में दुर्लभ वेरिएंट का रजोनिवृत्ति के समय पर अधिक प्रभाव था।
भविष्य का शोध: समय से पहले डिंबग्रंथि वृद्धावस्था और संतानों में उत्परिवर्तन दर
अध्ययन में यह भी जांचा गया कि क्या समय से पहले डिंबग्रंथि वृद्धावस्था की आनुवंशिक संवेदनशीलता संतानों में नए उत्परिवर्तनों को बढ़ाती है। शुरुआती विश्लेषण में मिला संबंध स्वतंत्र समूह में पुष्ट नहीं हुआ, इसलिए बड़े अध्ययनों की मांग की गई।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, अध्ययन ने डिंबग्रंथि वृद्धावस्था से जुड़े नौ जीनों की पहचान की और उन्हें कैंसर के जोखिम से भी जोड़ा। ये निष्कर्ष प्रजनन जीवनकाल बढ़ाने और कैंसर का जोखिम घटाने के नए तरीकों में मदद कर सकते हैं, साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य पर आनुवंशिक विविधता के दीर्घकालिक प्रभावों के अध्ययन की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
कहानी का स्रोत:
ऑनलाइन संकलित
लेखक LinkedIVF Teamप्रकाशित 2024-09-16
本文使用 AI 輔助整理;LinkedIVF 尚未記錄本篇的編輯審核,不構成醫療建議。
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समाचार | वैज्ञानिकों ने रजोनिवृत्ति और कैंसर के जोखिम के बीच आनुवंशिक संबंधों की पहचान की
समाचार | वैज्ञानिकों ने रजोनिवृत्ति और कैंसर के जोखिम के बीच आनुवंशिक संबंधों की पहचान की
Nature में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में ऐसी दुर्लभ आनुवंशिक उत्परिवर्तनों की पहचान की गई जो रजोनिवृत्ति के समय को प्रभावित करते हैं और कैंसर का जोखिम बढ़ाते हैं। इससे महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य और जीवनकाल के पीछे मौजूद आनुवंशिक कारकों की नई समझ मिली है।
शोधकर्ताओं ने UK Biobank में रजोनिवृत्ति के बाद की 100,000 से अधिक महिलाओं के संपूर्ण एक्सोम अनुक्रमण डेटा का विश्लेषण किया और रजोनिवृत्ति की आयु से जुड़े नौ दुर्लभ वेरिएंट की पहचान की। ये उत्परिवर्तन रजोनिवृत्ति को अधिकतम 5.61 वर्ष पहले ला सकते हैं और प्रजनन आयु तथा स्वास्थ्य जोखिमों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
दुर्लभ उत्परिवर्तन रजोनिवृत्ति और कैंसर के जोखिम को कैसे प्रभावित करते हैं?
महिला का डिंबग्रंथि भंडार जन्म से पहले निर्धारित हो जाता है और प्रजनन वर्षों के दौरान धीरे-धीरे कम होता जाता है, जिससे अंततः रजोनिवृत्ति होती है। प्राकृतिक प्रजनन क्षमता आमतौर पर रजोनिवृत्ति से 10 वर्ष पहले घटने लगती है। इसका समय शुरुआती अंडाणु भंडार और फॉलिकल के नष्ट होने की दर पर निर्भर करता है।
अध्ययन में प्राकृतिक रजोनिवृत्ति की आयु (ANM) से जुड़े कई उत्परिवर्तनों की पहचान हुई, जिनमें DNA क्षति की मरम्मत करने वाले BRCA2 और CHEK2 जैसे जीन शामिल हैं, जो कैंसर के जोखिम से निकटता से जुड़े हैं। इन दुर्लभ वेरिएंट ने रजोनिवृत्ति के समय को प्रभावित किया और स्तन तथा प्रोस्टेट कैंसर सहित हार्मोन-संवेदनशील कैंसर के अधिक जोखिम से जुड़े थे।
आनुवंशिक और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े नए निष्कर्ष
एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह था कि ZNF518A उत्परिवर्तन रजोनिवृत्ति के 5.61 वर्ष पहले होने से महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा था। ये जीन विलंबित यौवन से भी जुड़े थे, जिससे महिला के प्रजनन जीवनकाल को नियंत्रित करने में ZNF518A की भूमिका को और समर्थन मिला। सामान्य वेरिएंट की तुलना में दुर्लभ वेरिएंट का रजोनिवृत्ति के समय पर अधिक प्रभाव था।
भविष्य का शोध: समय से पहले डिंबग्रंथि वृद्धावस्था और संतानों में उत्परिवर्तन दर
अध्ययन में यह भी जांचा गया कि क्या समय से पहले डिंबग्रंथि वृद्धावस्था की आनुवंशिक संवेदनशीलता संतानों में नए उत्परिवर्तनों को बढ़ाती है। शुरुआती विश्लेषण में मिला संबंध स्वतंत्र समूह में पुष्ट नहीं हुआ, इसलिए बड़े अध्ययनों की मांग की गई।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, अध्ययन ने डिंबग्रंथि वृद्धावस्था से जुड़े नौ जीनों की पहचान की और उन्हें कैंसर के जोखिम से भी जोड़ा। ये निष्कर्ष प्रजनन जीवनकाल बढ़ाने और कैंसर का जोखिम घटाने के नए तरीकों में मदद कर सकते हैं, साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य पर आनुवंशिक विविधता के दीर्घकालिक प्रभावों के अध्ययन की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
कहानी का स्रोत:
ऑनलाइन संकलित